10 Best Moral Stories In Hindi : बच्चों की कहानियां 2022

_Moral Stories In Hindi

हेलो बच्चों हम आपको Moral Stories In Hindi के बारे में बताने वाले हैं इन कहानियों  में आपको अपने नाना नानी या दादा दादी से ये कहानियां सुनी होगी यह कहानियां Moral Stories In Hindi बहुत ही अच्छी है. इन कहानियों में आपको बहुत सारी अच्छी बातें बताई गई हैं जो अपने जीवन में उतार के उन्हें सफल बना जा सकता है यह कहानियां Moral Stories In Hindi बहुत ही रोचक और आपको पढ़ने में भी बहुत ही अच्छा महसूस होगा।

10 Best Moral Stories In Hindi

 

Moral Stories In Hindi / गधा और धोबी

एक निर्धन धोबी था। उसके पास एक गधा था। गधा काफी कमजोर था क्योंकि उसे बहुत कम खाने-पीने को मिल पाता था। एक दिन, धोबी को एक मरा हुआ बाघ मिला। उसने सोचा, “मैं गधे के ऊपर इस बाघ की खाल डाल दूंगा और उसे पड़ोसियों के खेतों में चरने के लिए छोड़ दिया करूंगा।

Moral Stories In Hindi
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किसान समझेंगे कि वह सचमुच का बाघ है और उससे डरकर दूर रहेंगे और गधा आराम से खेत चर लिया करेगा।” धोबी ने तुरंत अपनी योजना पर अमल कर डाला। उसकी योजना काम कर गई। एक रात, गधा खेत में चर रहा था कि उसे किसी गधी की रेंकने की आवाज सुनाई दी। उस आवाज को सुनकर वह इतने जोश में आ गया कि वह भी जोर-जोर से रेंकने लगा। गधे की आवाज सुनकर किसानों को उसकी असलियत का पता लग गया और उन्होंने गधे की खूब पिटाई की।

इसीलिए कहा गया है कि अपनी सचाई नहीं छिपानी चाहिए।

Moral Stories In Hindi / चतुर किसान

एक बार एक किसान एक बकरी, घास का एक गट्टर और एक शेर को लिए नदी के किनारे खड़ा था। उसे नाव से नदी पार करनी थी लेकिन नाव बहुत छोटी थी कि वह सारे सामान समेत एक बार में पार नहीं जा सकता था। वह अगर शेर को पहले ले जाकर नदी पार छोड़ आता है तो इधर बकरी घास खा जाएगी और अगर घास को पहले नदी पार ले जाता है तो शेर बकरी को खा जाएगा। अंत में उसे एक समाधान सूझ गया।

Moral Stories In Hindi
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उसने पहले बकरी को साथ में लिया और नाव में बैठकर नदी के पार छोड़ आया। इसके बाद दूसरे चक्कर में उसने शेर को नदी पार छोड़ दिया लेकिन लौटते समय बकरी को फिर से साथ ले आया। इस बार वह बकरी को इसी तरफ छोड़कर घास के गट्ठर को दूसरी ओर शेर के पास छोड़ आया। इसके बाद वह फिर से नाव लेकर आया और बकरी को भी ले गया।

इस प्रकार, उसने नदी पार कर ली और उसे कोई हानि भी नहीं हुई।

Moral Stories In Hindi / सूरज का विवाह

गर्मी का दिन था। पृथ्वी पर अचानक लोगों ने खबर सुनी कि सूरज का जल्द ही विवाह होने वाला है। सारे लोग बहुत प्रसन्न हुए। मेंढक भी बहुत प्रसन्न हुए और पानी में उछल-कूट मचाने लगे। एक बूझ मेक पानी के ऊपर आया और सारे मैठकों को समझाने लगा कि यह प्रसन्नता की नहीं दुख की बात है, “मेरे साथियो। तुम लोग इतने प्रसन्न क्यों हो रहे हो? क्या यह वाकई सुशी मनाने की खबर है? एक अकेला सूरज तो अपनी गर्मी से हमें झुलसा देता है। जरा सोचो, जब इस सूरज के दर्जन भर बच्चे हो जाएंगे तो हमारा क्या हाल होगा। हमारा काट कई गुना बढ़ जाएगा और हम लोग जीवित नहीं रह पाएंगे।

Moral Stories In Hindi / शेर और तीन बैल

एक बार की बात है। तीन बैल आपस में बहुत अच्छे दोस्त थे।
वे साथ मिलकर घास चरने जाते और बिना किसी राग-द्वेष के हर चीज आपस में बाँटते थे। एक शेर काफी दिनों से उन तीनों के पीछे पड़ा था, लेकिन वह जानता था कि जब तक ये तीनों एकजुट हैं।

Moral Stories In Hindi
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तब तक वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। शेर ने उन तीनों को एक-दूसरे से अलग करने की चाल चली। उसने बैलों के बारे में अफवाहें उड़ानी शुरू कर दीं। अफवाहें सुन-सुनकर उन तीनों के बीच गलतफहमी पैदा हो गई।

धीरे-धीरे वे एक-दूसरे से जलने लगे। आखिरकार एक दिन उनमें झगड़ा हो गया और वे अलग-अलग रहने लगे। शेर के लिए यह बहुत अच्छा अवसर था। उसने इसका पूरा लाभ उठाया और एक-एक करके तीनों को उसने मार डाला और खा गया।

एकता में ही शक्ति होती है।

 

 Moral Stories In Hindi / दो माली

एक गांव में दो पड़ोसी थे। दोनों माली थे। दोनों के पास अपने-अपने बागान थे और वे उनमें तरह-तरह के फलों के पौधे उगाते थे। यही बागान उनकी जीविका के साधन थे।

उनमें से एक पड़ोसी बहुत सख्त था और अपने पौधों की जरूरत से । ज्यादा देखभाल करता था। उसे लगता था कि पौधों की अगर ठीक से देखभाल नहीं की गयी तो वे नष्ट हो सकते हैं, लेकिन दूसरा पड़ोसी पौधों को | प्राकृतिक रूप से विकसित होने देने पर विश्वास करता था। वह पौधों की उतनी ही देखभाल करता था,

जितने कि उन्हें आवश्यकता थी, लेकिन वह अपने पौधे के तनों और टहनियों को काट-छांट न करके अपनी मनमर्जी दिशा में बढ़ने देता था। इससे वे स्वाभाविक रूप से विकसित होते थे। एक शाम, बहुत भीषण तूफान आया, जिसमें भारी बारिश हुई।

तूफान ने कई पौधों को नष्ट कर दिया। अगली सुबह, जब सख्त पड़ोसी उठा, तो उसने पाया कि उसके सारे पौधे उखड़ गये और बर्बाद हो गये। वहीं, जब दूसरा पड़ोसी उठा, तो उसने पाया कि उसके पौधे अभी भी मिट्टी में मजबूती से लगे हुए हैं, इतने तूफान के बावजूद रिलैक्स पड़ोसी के पौधे खुद ही चीजों का प्रबंधन करना सीख गयि थे। इसलिए, इसने अपना काम किया, गहरी जड़ें उगायीं और मिट्टी में अपने लिए जगह बनायी।

इस प्रकार, यह तूफान में भी मजबूती से खड़ा रहा। जबकि, उस सख्त पड़ोसी ने अपने पौधों का जरूरत से ज्यादा ख्याल रखा था, लेकिन शायद वह भूल गया कि बुरे समय में खुद का ख्याल कैसे रखते हैं। संदेश : अभी या बाद में, आपको खुद से ही सबकुछ करना होगा। जब तक मातापिता अत्यधिक सख्त होना बंद नहीं करते, तब तक कोई अपनी समझ के अनुरूप काम करना नहीं सीख पाता।

 

 Moral Stories In Hindi / उपचार और कौए

एक बार एक राजा ने अपने राजवैद्य को अपने बीमार हाथियों के उपचार के लिए बुलाया। राजमहल जाते समय राजवैद्य एक पेड़ की छाया में लेट गया। अचानक, एक कौए की बीट उसके माथे पर गिरी! वह बहुत क्रोधित हुआ और उसने सारे कौओं को मरवा देने का निश्चय किया।

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उसने राजा के पास जाकर सुझाव दिया, “हाथियों के घावों पर कौओं की चर्बी मलने से वे ठीक हो जाएंगे।” राजा ने आदेश दिया कि दवा बनाने के लिए सारे कौओं को मार डाला जाए।

कौओं को मारने का काम शुरू कर दिया गया। कौओं का सरदार राजा के पास गया और विनती करने लगा, “हम लोगों को मत मारिए। सच तो यह है कि कौओं के शरीर में चर्बी होती ही नहीं है।” राजा को अपनी गलती महसूस हुई और उसने दुष्ट राजवैद्य को दंड देने का आदेश दिया।

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Moral Stories In Hindi / शेर और चूहा

एक समय की बात है। एक जंगल में एक शेर और एक चूहा रहता था। एक दिन शेर सो रहा था। चूहा सोते हुए शेर के ऊपर खेलने लगा। शेर की नींद खुल गई और उसने गुस्से से चूहे को पकड़ा और मार डालना चाहा। किन्तु चूहे ने माफ़ी मांग कर खुद को बचा लिया। कुछ समय बाद शिकारियों ने उस शेर को जाल में पकड़ लिया। शेर बहुत घबरा गया। चूहे ने शेर को इस हालत में देखा ,उसने झट से अपने दाँतो से जाल को काट दिया और शेर की जान बचाई।

सीख – अच्छा करो ,अच्छा मिलेगा।

 Moral Stories In Hindi / असली-नकली की पहचान

एक लड़का अपने परिवार के साथ रहता था। उसके पिता जौहरी थे। एक दिन उसके पिता बीमार पड़ गए, धीरेधीरे उनकी हालत बिगड़ती गयी और अंत में उनका निधन हो गया। पिता के निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। ऐसे में मां ने घर चलाने के लिए बेटे को अपना एक कीमती हार दिया और कहा कि इसे अपने चाचा की दुकान पर दिखा देना, वे भी एक जौहरी हैं।

इसे बेचकर जो पैसे मिलेंगे वह ले आना। लड़के ने अपने चाचा को जब यह हार दिखाया, तो चाचा ने हार को अच्छे से देखा और कहा कि अभी बाजार बहुत मंदा है, इसे थोड़ा रुककर बेचना, तो अच्छे दाम मिल जाएंगे। फिलहाल तो तुम मेरी दुकान पर नौकरी कर लो, वैसे भी मुझे एक भरोसेमंद लड़के की जरूरत है। लड़का अगले दिन से दुकान का काम सीखने लगा।

वहां उसे हीरों व रत्नों की परख का काम सिखाया गया। अब उस लड़के के घर में आर्थिक समस्या नहीं रही। धीरेधीरे रत्नों की परख में उसका यश दूरदराज के शहरों तक फैलने लगा। दूर-दूर से लोग उसके पास अपने गहनों की परख करवाने आने लगे। एक बार उसके चाचा ने उसे बुलाया और कहा कि जो हार तुम बेचना चाहते थे, उसे अब ले आओ। लड़के ने घर जाकर मां का हार जैसे ही हाथ में लेकर गौर से देखा तो पाया कि वह हार तो नकली है।

वह तुरंत दौड़कर चाचा के पास पहुंचा और उनसे पूछा कि आपने मुझे तभी सच क्यों नहीं बताया, जब मैं इस हार को बेचने आया था? इस पर चाचा ने कहा कि अगर मैं तुम्हें उस समय सच बताता तो तुम्हें लगता कि संकट कि घड़ी में चाचा भी तुम्हारे कीमती हार को नकली बता रहे हैं और तुम्हें मुझ पर यकीन नहीं होता, लेकिन आज जब तुम्हें खुद ही गहनों को परखने का/ज्ञान हो गया है, तो अब तुम खुद असली-नकली की पहचान कर सकते हो