IAS Success Story: UPSC पहली बार प्री-एग्जाम में फेल, दूसरी बार मेन्स में अटकीं,

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IAS टॉपर आयुषी जैन की Success Story

IAS Success Story: UPSC पहली बार प्री-एग्जाम में फेल, दूसरी बार मेन्स में अटकीं, आखिरकार तीसरे प्रयास में बनी IAS आयुषी जैन

UPSC एग्जाम में सफलता पाने के लिए सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी है। अगर आप कोचिंग ज्वाइन करते हैं, तो भी सेल्फ स्टडी के बिना सफलता पाना बहुत मुश्किल है।

IAS टॉपर आयुषी जैन की Success Story: आज आपको UPSC एग्जाम 2019 में ऑल इंडिया रैंक 41 हासिल करके IAS ऑफिसर बनीं आयुषी जैन की कहानी बताएंगे, जो काफी प्रेरणादायक है। आयुषी को यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में मिली। इंजीनियरिंग के बाद, उन्हें एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिली थी, लेकिन उन्हें यह मंजूर नहीं था और उन्हें कुछ और अलग ही करना था, लेकिन उनका मन यूपीएससी की ओर आकर्षित हो गया और उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया और यूपीएससी में अपना केरियर बनाने के लिए यूपीएससी में ज्वाइन होने का फैसला किया। यह यात्रा उनके लिए आसान नहीं थी, लेकिन कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति के कारण तीसरे प्रयास में उनका सपना सच हो गया।

 12वीं पास आउट होने के बाद इंजीनियर की डिग्री हासिल की

मूल रूप से मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की आयुषी पढ़ाई में बहुत होशियार थी। उनके हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में 90% से अधिक अंक हैं। 12 वीं के बाद, उन्होंने एक संस्थान में एडमिशन लिया और यहां से कंप्यूटर विज्ञान में इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, उन्हें एक कंपनी में जॉब मिल गई और उन्होंने लगभग 2 साल तक काम किया। अपनी नौकरी के दौरान, उन्होंने UPSC में शामिल होने का फैसला किया और जॉब छोड़कर तैयारी करने में जुट गई।

विफलताओं का डटकर किया मुकाबला

आयुषी जैन को UPSC में अपने पहले प्रयास में प्री-एग्जाम में असफलता का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और एक और प्रयास किया। इस बार उन्होंने प्री एग्जाम पास की लेकिन मेन्स में सफलता नहीं मिली। ऐसी स्थिति में, उन्होंने अपने वैकल्पिक विषय को बदल दिया और बेहतर रणनीति के साथ तीसरा प्रयास किया। तीसरे प्रयास में, उनकी इस बार किस्मत ने साथ दे दिया और उन्होंने ऑल इंडिया में 41वीं रैंक हासिल की। इस तरह, UPSC की उनकी यात्रा पूरी हुई।

अन्य उम्मीदवारों को आयुषी की सलाह

आयुषी जैन का मानना ​​है कि UPSC एग्जाम में सफलता पाने के लिए आपको सीमित स्रोत से तैयारी करनी चाहिए। यदि आप आवश्यक से अधिक स्रोत या अध्ययन सामग्री इकट्ठा करते हैं, तो आपके लिए तैयार करना मुश्किल होगा। वह कहती है कि तैयारी के बाद, जितना संभव हो उतना संशोधित करें और उत्तर लिखें। इसके अलावा मॉक टेस्ट पेपर देकर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें। इस दौरान, आप जो भी गलतियाँ महसूस करते हैं, उन्हें सुधारें और भी बेहतरीन तरीके से प्रयास कर सकते हैं।

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