चीन सारी दुनिया का कचरा क्यों खरीद लेता है।

चीन सारी दुनिया का कचरा क्यों खरीद लेता है।

दुनिया का सारा कचरा अचानक चीन क्यों खरीद रहा है क्या चाइना के इस फैसले से बर्बाद हो सकती है दुनिया भर में खबर वायरल हो रही है काफी समय से पूरी दुनिया से निकलने वाले कचरे को चीन धड़ाधड़ खरीद रहा है। जी हां पूरी दुनिया का कचरा चीन पहुंच रहा है लेकिन क्यों यह बहुत बड़ा सवाल है इस सवाल से पहले आपको यह बता दे कि चीन के एक फैसले के बाद पूरी दुनिया पर परेशानी खड़ी हो गई है।

 

चीन कचरे से कैसे अरबों $ कमाता है।

ऐसी परेशानी जो आज तक अभी तक देखी नहीं गई थी क्या आप जानते हैं आपके घर से निकलने वाला कचरा आखिर जाता कहां है आप में से कई लोग यही कहेंगे कि कचरा रीसायकल होता है सही भी है बिल्कुल रीसायकल होता लेकिन आप यह बताइए कि आखिर कौन इस कचरे को रीसायकल करता है ऐसी कौन सी कंपनी है रीसाइक्लिंग प्लांट को चलाती है सोच कर देखिए पूरी दुनिया का कचरा आखिर कहां जाता होगा कहां पर इतने बड़े-बड़े रीसायकल प्लांट लगे होंगे शायद यह कैसा जवाब है आज पूरी दुनिया में पूछ रही है।

 

दोस्तों एक बहुत बड़ा ट्रेस क्राइसिस शुरू हो चुका है जी हां आपके घर से निकलने वाला कचरा अब रिसाइकल नहीं होगा ऐसा क्यों हो रहा है इसका जवाब जानने के लिए 15 से 20 वर्ष पीछे चलना होगा जिस तरह आज पूरी दुनिया उनके घर से निकलने वाले कचरे को कौन रीसायकल करेगा आज के कुछ साल पहले भी यही सवाल लोगों के मन में उठ रहा था।

 

उस समय पश्चिमी देशों ने रीसाइक्लिंग प्रोसेस को एक्सप्लेन किया था और इसे शुरू ही किया था गली मोहल्लों में अलग-अलग डस्टबिन लगाए गए थे लोगों को जागरूक किया गया उन्हें कौन सा कचरा कौन से रंग के डस्टबिन में डालना है लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के ऐड्स भी चलाए गए टेलीविजन रेडियो पर हर मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसके बाद सारा कचरा इकट्ठा हो जाता था तक इस कचरे को मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी में भेज दिया जाता था जहां पर कर्मचारी इस कचरे में से प्लास्टिक की बोतलें या टप्पे अलग करते थे।

 

इसके बाद कचरे का ढेर हाइड्रोलिक मशीन में जाता था जहां पर हाइड्रोलिक मशीन कचरे के बड़े-बड़े बॉक्स बना देती थी दुनिया भर में मौजूद छोटी-छोटी साइकिलिंग कंपनियां इस कचरे को खरीदी थी लेकिन उस वक्त इस कचरे की इतनी वैल्यू नहीं हुआ करती थी वैल्यू तबाही जब चीन कचरे की दुनिया में कदम रखा इस वक्त एक फैक्चरिंग बनाने की तैयारी कर रहा था इस वक्त वह बहुत सारा मटेरियल इनपोर्ट करता था लेकिन धीरे-धीरे उसे बिलियंस डॉलर्स दिखाई देने लगी उसे समझ में आ गया उसकी मैन्युफैक्चरिंग सपना का सपना पूरा होगा चीन अब रीसाइक्लिंग धंधे में उतर चुका था।

 

चीन ने बड़े-बड़े रीसायकल प्लांट लगाए गए इतने बड़े प्लांट जो दुनिया में किसी देश पास नहीं थे धीरे-धीरे जब पूरी दुनिया पता चला कि चीन दुनिया भर के कचरे को खरीद ने लगा है तो लोग वह खुद अपना कचरा लेकर चीन के पास पहुंचे लेकिन चीन इस कचरे के अच्छे दाम भी देता था उसी कचरे को रिसाइकल करके बेहतरीन प्रोडक्ट बनाकर उन्हें समय पर वापस भी भेज देता था चीन ऐसा इसलिए बढ़ रहा था।

चीन में लेबर बहुत सस्ता था वर्कर्स की वहां पर कोई कमी नहीं थी इस वजह से कम लागत लगाकर चीन कचरे को रीसायकल करके फिर नए प्रोडक्ट बनाने में लग गया फिर एक ऐसा वक्त आया जब पूरी दुनिया का 70% कचरा चीन के पास पहुंचने लगा इस बात का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि 2016 में यूनाइटेड स्टेट ने 7 मिलियन टन कचरा रीसायकल करने के लिए भेजा था।

 

रीसाइक्लिंग की दुनिया में चीन एक अलग ही मुकाम बना लिया अब चीन जिस पानी के जहाज से प्रेस प्रोडक्ट को दुनिया भर में बेचता था उसी पानी के जहाज से उस देश का कचरा वापस चीन ले आता था। इसके बाद उसके प्रेस प्रोडक्ट बनाया जाते थे फिर इससे चीनी दूसरे देशों में इसे बेचता था चीन दोनों तरफ से पैसे कमा रहा था इस तरह से चेन्नई चीन ने पैसा तो बनाया लेकिन साथ ही साथ प्रोडक्ट के जरिए पूरी दुनिया में मार्केट को भी कैप्चर कर लिया कुछ साल पहले तक पश्चिमी देश कचरे को रिसाइकल करने का काम करते थे।

लेकिन China के बहुत सारे रीसाइक्लिंग प्लांट बंद हो गए थे पश्चिमी देशों की सबसे बड़ी मजबूरी थी कि कचरे के रीसाइक्लिंग के लिए कोई बड़े प्लांट नहीं लगाए गए हमेशा ही छोटे स्तर पर करते रहे सारी बातों से आप खुद ही समझ सकते हो पूरी दुनिया के कचरे को किस तरीका से चीन कैसे हैंडल कर रहा था लेकिन इसी बीच चाइनीस फिल्म डायरेक्टर Julien wonk इस रीसाइक्लिंग प्लांट छोटी सी एक डॉक्यूमेंट्री बनाई इस डॉक्यूमेंट्री का नाम था प्लास्टिक चाइना (Plastic China) आपको यकीन नहीं होगा इस डॉक्यूमेंट्री नहीं बिलियन $1000000 की रीसाइक्लिंग को खाक में मिलाकर रख दिया।

 

इस डॉक्यूमेंट्री में छोटी सी बच्ची को दिखाया गया था जो इस रीसाइक्लिंग प्लांट में रहती थी साथ ही साथ चीन के रीसाइक्लिंग प्लांट का सच उस डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया था वहां के हालात कितने खतरनाक और खराब है याद कर लीजिए उस डॉक्यूमेंट्री का नाम जिसका नाम था प्लास्टिक चाइना एक छोटी सी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया लोगों ने जहां की तस्वीर तस्वीरों को देखा तो उनका दिल दहल गया इस डॉक्यूमेंट्री ने बहुत सारे अवार्ड जीते लेकिन चीन ने इसे बैन कर दिया गया जी नहीं चाहता था कि उसकी देश की बदनामी हो लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

Haryana Tablet Yojana 2021: Apply Online, Free Tablet Registration

Equitas Bank: Open ZERO Balance Bank Account Online 2021

इस सच को जानने के बाद पूरी दुनिया में एक आवाज उठी चीन की आर्मी की बहुत बदनामी हुई आखिरकार चीन के प्रधानमंत्री सी जिनपिंग ने रीसायकल प्लांट के ऊपर एक बहुत बड़ा कदम उठाया उन्होंने 2017 में वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन में जाकर यह घोषणा की दुनिया वाले दुनिया से आने वाले इस तरह के खतरे को बिल्कुल भी रीसायकल नहीं करेंगे इसमें कॉटन पेपर प्लास्टिक शामिल था चाइना ने इसे ऑपरेशन नेशनल शोल्ड नाम दिया इस ऑपरेशन के तहत चाइना का यह कहना था कि अब कुछ ही मात्रा में दुनिया भर के कचरे को रीसायकल करेगा।

China में जितना भी कचरा है वह चीन में ही रीसायकल होगा जिससे फेस प्रोडक्ट बनाए जाएंगे ऐसा कदम इसलिए उठाया गया था कि पोलूशन को कंट्रोल किया जा सके उनके लोगों की सुरक्षा की जा सके इस प्लांट की वजह से लोगों को तरह-तरह की बीमारियां होने लगी थी चीन का वातावरण पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका था अचानक हुए इस फैसले से पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया जिस कचरे को चीन $300 में खरीदा था अब उसकी कीमत 40 यूएस डॉलर हो गई थी इसके साथ ही जो भी कचरा रीसायकल होने के लिए आएगा पूरी तरह ही कैसे साफ होना चाहिए अगर उसमें थोड़ी सी भी गंदगी दिखी तो दोबारा उसे उस देश के कचरे को साईकिल करने के लिए नहीं लाएगा।

 

आज इस फैसले के बाद पूरी दुनिया प्रेस प्राइस ट्रेस क्राइसिस शुरू हो चुका है मलेशिया और थाईलैंड के लोगों को नया काम भी मिल गया है अब दुनिया भर का सारा कचरा मलेशिया और थाईलैंड में साफ होने के लिए जाता है उसके बाद उसे जेल भेजा जाता है ऐसा कचरा भेजा जाता है जिसे China वातावरण को नुकसान ना हो वजह से दुनिया के बड़े-बड़े कचरे को साफ करने के प्लांट में इन्वेस्ट कर रहे हैं इसके साथसाथ आज पूरी दुनिया में बहुत बड़ी परेशानी खड़ी हो चुकी है।